Latest news & events

April 13, 2020

सूखे कुएं के पानी का स्तर बढ़ा।

शुरू-शुरू में जब बाबा शिरडी पधारे थे तो वहां आधारभूत व्यवस्थाओं का अभाव चल रहा था। वहां एक ही कुआं था, लेकिन उसका जल कम होकर […]
April 13, 2020

शनि का राशि फल I

जन्म कुंडली में शनि का राशियों में स्थित होने का फल इस प्रकार है :- 1. मेष में –शनि हो तो जातक व्यसन व परिश्रम से […]
April 13, 2020

शिव जन्म का रहस्य।

ब्रह्मा, विष्णु और शिव का जन्म एक रहस्य है। तीनों के जन्म की कथाएं वेद और पुराणों में अलग-अलग हैं। अलग-अलग पुराणों में भगवान शिव और […]
April 13, 2020

कालिका शक्तिपीठ I

कोलकाता के कालीघाट स्थित कालिका देवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में सर्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ होने के साथ-साथ इस क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है। कोलकाता में इस […]
April 13, 2020

लक्ष्मी प्राप्ति के लिए ऋग्वेद में वर्णित भगवान विष्णु का अमोघ मन्त्र I

लक्ष्मी प्राप्ति के लिए कई मन्त्र और उपाय बताये गए हैं, जिनमें ऋग्वेद में वर्णित निम्नलिखित मन्त्र अमोघ है और इसके श्रद्धापूर्वक जप से अवश्य ही […]
April 13, 2020

लक्षमी जी की तेरस पे पूजा ।

एक समय भगवान विष्णु मृत्युलोक में विचरण करने के लिए आ रहे थे, लक्ष्मी जी ने भी साथ चलने का आग्रह किया I विष्णु जी बोले- […]
April 13, 2020

महर्षि कश्यप द्वारा शिव को शाप क्यों दिया गया इसकी कथा ।

देवदेव गणेश सर्वाधार शिव के पुत्र और विघ्नों का नाश करनेवाले हैं । ब्रह्मवैवर्त्यपुराण में जिस कल्प की कथा वर्णित है उसके अनुसार अनुसारस्वयं परब्रह्म परमेश्वर […]
April 13, 2020

शुचीन्द्रम शक्तिपीठ I

तमिलनाडु, कन्याकुमारी के त्रिसागर संगम स्थल पर स्थित है यह शुची शक्तिपीठ, जहां सती के मतान्तर से पृष्ठ भाग गिरे थे। यहां की शक्ति नारायणी तथा […]
April 13, 2020

जब श्री कृष्ण बोले, मुझे कहीं छुपा लो।

एक बार की बात है कि यशोदा मैया प्रभु श्री कृष्ण के उलाहनों से तंग आ गयीं और छड़ी लेकर श्री कृष्ण की ओर दौड़ी। जब […]
April 13, 2020

गुरु पूर्णिमा : कौन हैं महर्षि वेदव्यास I

महर्षि वेदव्यास जी अमर हैं। महान विभूति वेदव्यास का जन्म आषाढ़ पूर्णिमा को लगभग 3000 ई. पूर्व में हुआ था। महर्षि व्यास का पूरा नाम कृष्णद्वैपायन […]
April 13, 2020

प्रभु श्री राम और गिलहरी।

जब श्रीराम अपनी पत्नी सीता व अनुज लक्ष्मण के साथ वनवास पर थे, तो रास्ते चलते हर तरह के धरातल पर पैर पड़ते रहे। कहीं नर्म […]
April 13, 2020

काका, नाथ भागवत पढ़ो, यही एक दिन तुम्हारे काम आयेगा – श्री साईं कथा व लीला I

शिरडी आने वाले लोगों में कई लोग किसी धार्मिक ग्रंथ का पाठ करते थे I या तो मस्जिद में बैठकर बाबा के सामने पढ़ते या अपने […]
April 13, 2020

लक्षमी जी की तेरस पे पूजा ।

एक समय भगवान विष्णु मृत्युलोक में विचरण करने के लिए आ रहे थे, लक्ष्मी जी ने भी साथ चलने का आग्रह किया I विष्णु जी बोले- […]
April 13, 2020

तपस्विनी स्वयंप्रभा और हनुमानजी।

सीता जी खोज में भटकते भूखे-प्यासे वानरों को विन्ध्याँचल पर ‘ऋक्षबिल’ नामक वह गुफा दृष्टिगत हुई, जिसका द्वार बंद नहीं था। भूख प्यास से अति त्रस्त […]
April 13, 2020

गंधर्वराज पुष्पदंत I

भगवान शिव के परम भक्त पुष्पदंत प्रतिदिन विधिपूर्वक शिव पूजा करते थे अत: उन्हें नानाप्रकार के पुष्प तथा बिल्वपत्र की आवश्यकता होती थी। उस समय चित्ररथ […]
April 13, 2020

हनुमानजी और राक्षस जम्बूमाली । सेनापति प्रहस्त का पुत्र जम्बुमाली युद्ध के लिए अत्यन्त उत्सुक रहने वाला तथा अस्त्रों का जानकार था !रावण का आदेश सुनकर […]
April 13, 2020

कालमाधव शक्तिपीठ।

कालमाधव शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में से एक है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इन सभी स्थानों पर देवी सती के अंग गिरे थे। पौराणिक कथा के अनुसार […]
April 13, 2020

गणपति अथर्वशीर्ष पाठ को करने की विधि ।

गणेश जी सभी देवताओं में प्रथम पूज्य माने जाते है,ऐसी मान्यता है कि कोई भी पूजा सर्व प्रथम उनके पूजन के बिना अधूरी है। यह पाठ […]
April 13, 2020

विशालाक्षी शक्तिपीठ I

पुराणों के अनुसार जहाँ-जहाँ सती के अंग के टुकड़े, धारण किए वस्त्र या आभूषण गिरे, वहाँ-वहाँ शक्तिपीठ अस्तित्व में आये। ये अत्यंत पावन तीर्थस्थान कहलाते हैं। […]
April 13, 2020

महाभारत युद्ध में पांच बार मरने से बचाया श्री कृष्ण ने अर्जुन को।

1. युद्ध के दौरान जयद्रथ ने भगवान शिव से मिले वरदान के कारण अर्जुन को छोड़कर सभी पांडवों को पराजित कर दिया। इसी दौरान जयद्रथ ने […]
April 13, 2020

योग और प्याज”, शिरडी साई कथा और लीला।

‘एक समय कोई एक योगाभ्यासी नानासाहेब चाँदोरकर के साथ शिरडी आया । उसने पातंजलि योगसूत्र तथा योगशास्त्र के अन्य ग्रन्थों का विशेष अध्ययन किया था, परन्तु […]
April 13, 2020

कौंच को सौभरि ऋषि का श्राप।

प्राचीन समय में सुमेरू पर्वत पर सौभरि ऋषि का अत्यंत मनोरम आश्रम था। उनकी अत्यंत रूपवती और पतिव्रता पत्नी का नाम मनोमयी था। एक दिन ऋषि […]
April 13, 2020

शिव क्यों कहलाये कपाली।

ब्रह्मा के मस्तक को काटकर उसके कपाल को कई दिनों तक कर में धारण करने से भगवान शिव ‘कपाली’ कहे जाते हैं। एक बार भगवान शिव […]
April 13, 2020

जब श्रीराम ने हनुमान पर चला दिया था ब्रह्मास्त्र I

पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान राम रावण का वध करके अयोध्या लौटें तो अयोध्या के राजा बन गए। उसी दौरान देवर्षि नारद ने हनुमान जी […]
April 13, 2020

माता बाला सुंदरी।

वामन पुराण के अनुसार वाराणसी से भगवान शंकर के साथ ही माता बाला सुन्दरी पिहोवा में आई और यहीं पर निवास करने लगी। शास्त्रों के अनुसार […]
April 13, 2020

जब दैत्यों के हाथों हार गए भगवान विष्णु l

पौराणिक शास्त्रों के अनुसार श्रीदामा नाम का एक क्रूर असुर था जो देवताओं को परेशान किया करता था वो बचपन से ही दैत्येगुरु शुक्राचार्य का शिष्य […]
April 13, 2020

शिवजी वृषभध्वज और पशुपति कैसे बने ?

समुद्र मंथन से श्री सुरभि गाय का प्राकट्य हुआ। गौ माता के शारीर में समस्त देवी देवता एवं तीर्थो में निवास किया। देवताओ ने गौ माता […]
April 13, 2020

दामू अण्णा का सौदा ( रुई का सौदा) I

दामू अण्णा को बम्बई से उनके एक मित्र ने लिखा कि वह उनके साथ साझेदारी में रुई का सौदा करना चाहते है, जिसमें लगभग दो लाख […]
April 13, 2020

हनुमान जी का घमण्ड चकनाचूर I

जब लंका तक जाने के लिए समुद्र पर सेतु बांधने की तैयारी चल रही थी। श्रीराम जी की इच्छा समुद्र सेतु पर शिवलिंग स्थापित करने की […]
April 13, 2020

शनि का नाम शनैश्चर क्यों ?,पीपल वृक्ष की पूजा क्यों ?

महर्षि दाधीच संस्कार हो रहा था तो उनकी पत्नी अपने पति का वियोग सहन नहीं कर पायीं और पास में ही स्थित विशाल पीपल वृक्ष के […]
April 13, 2020

कैसे हनुमान ने भगवान् श्रीराम को दुसरा विवाह करने से बचाया था ?

अहिरावण और महिरावण गुफा में राम और लक्षमण की बलि देने वाले थे तभी हनुमान उस गुफा में प्रवेश कर उनकी सभी सेना का ख़त्म कर […]
April 13, 2020

भक्त को नहीं भूलते भगवान, साईं बाबा की एक सत्य कथा l

साल 1910 में मुंबई के एक धनी व्यापारी का बेटा बीमार हो गया। उसका काफी इलाज कराने के बाद भी जब वह ठीक नहीं हुआ तो […]
April 13, 2020

भगवान श्री गणेश के 32 मंगलकारी स्वरूप I

मुद्गल पुराण के मुताबिक भगवान श्री गणेश के ये 32 मंगलकारी स्वरूप नाम के मुताबिक भक्त को शुभ फल देते हैं।गणेश जी के प्रकार इस तरह […]
April 13, 2020

शक्तिपीठों में से एक – श्रीशैलम भ्रामराम्बा मंदिर l

श्रीशैलम मंदिर के परिसर में स्थित ‘भ्रामराम्बा देवी मंदिर’ 18 महा शक्तिपीठों में से एक है। कहा जाता है कि यहाँ माता सती की ग्रीवा (गर्दन) […]
April 13, 2020

बाबा द्वारा अद्भुत नेत्र चिकित्सा , श्री साईं कथा व लीला I

साईं बाबा अपने जीवन के पूर्वाध्र्द में शिरडीवासियों की चिकित्सा भी किया करते थे I उनके द्वारा दी जाने वाली औषधि से रोगी शीघ्र ही रोगमुक्त […]
April 13, 2020

श्री कृष्ण-बलराम का नामकरण संस्कार कैसे हुआ था।

वसुदेवजी की प्रार्थना पर यदुओं के पुरोहित महातपस्वी गर्गाचार्यजी ब्रज पहुंचे। उन्हें देखकर नंद अत्यधिक प्रसन्न हुए। उन्होंने हाथ जोड़कर प्रणाम किया और विष्णुतुल्य मानकर उनकी […]
April 13, 2020

लक्षमी जी और जम्भासुर।

प्राचीन समय की बात है, जम्भासुर नामक दुष्ट और पराक्रमी दैत्य ने प्रचण्ड तप करके ऐसी शक्ति प्राप्त की जिससे उसने देवताओं को पराजित करके स्वर्गलोक […]
April 13, 2020

शिरडी के साईं बाबा का कैसे पडा़ साईं नाम I

कहते हैं कि शिरडी के साईं बाबा को सबसे पहले नीम के पेड़ के नीचे ध्यानमुद्रा में लीन, सबसे पहले शिरडी के गांव में नाना चोपदार […]
April 13, 2020

ज्वालेश्वर नाम का तीर्थ I

कथा के अनुसार, बली का पुत्र बाणासुर अत्यंत बलशाली था, परंतु शिव का बहुत बड़ा भक्त भी था। उसकी सहस्त्र भुजाएं थीं। संसार भर में वह […]
April 13, 2020

भगवान गजानन ने गणेश गीता के ग्यारह अध्यायों में बताए ग्यारह योग I

श्रीगणेशगीता में कर्मयोग, सांख्ययोग और भक्तियोग का वर्णन श्रीमद्भगवद्गीता के समान ही है। श्रीगणेशगीता के 11 अध्यायों में योगसाधना, प्राणायाम, तान्त्रिकपूजा, मानसपूजा, सगुण उपासना आदि का […]
April 13, 2020

शिव के जन्म की कहानी I

विष्णु पुराण में वर्णित शिव के जन्म की कहानी के अनुसार ब्रह्मा को एक बच्चे की जरूरत थी। उन्होंने इसके लिए तपस्या की। तब अचानक उनकी […]
April 13, 2020

प्रेम में श्रीकृष्ण को पीना पड़ा था राधा का चरणामृत I

एक बार की बात है गोपियों के दुलारे नंदलाल कई दिनों से बीमार पड़े थे I कोई दवा या जड़ी-बूटी काम नहीं कर रहा था, परन्तु […]
April 13, 2020

अस्टलक्षमी स्त्रोत्र ।

आदिलक्ष्मि Iसुमनस वन्दित सुन्दरि माधवि, चन्द्र सहोदरि हेममयेमुनिगण वन्दित मोक्षप्रदायनि, मञ्जुल भाषिणि वेदनुते ।पङ्कजवासिनि देव सुपूजित, सद्गुण वर्षिणि शान्तियुतेजय जयहे मधुसूदन कामिनि, आदिलक्ष्मि परिपालय माम् ॥ […]
April 13, 2020

श्रावण गणेश चौथ व्रत कथा ।

पूर्वकाल में हिमाचल पुत्री पार्वती ने शिवजी को पतिरूप में प्राप्त करने के लिए कठोर ताप किया परन्तु शिवजी प्रसन्न नहीं हुए तब पार्वतीजी ने अनादि […]
April 13, 2020

बाबा को खुशालचंद की चिंता I

शिरडी से कुछ दूरी पर रहाता गांव था I वहां खुशालचंद नाम का एक साहूकार रहता था I बाबा इससे भी तात्या जितना प्रेम किया करते […]
April 13, 2020

सालासर बालाजी की कहानी

कुछ डान्कुओं ने सालासर गाँव पर हमला कर दिया। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भाग रहे थे। वे गाँव छोड़ने की बात कर […]
April 13, 2020

शूलेश्वर महादेव I

उज्जयिनी स्थित चौरासी महादेव में से एक श्री शूलेश्वर महादेव का मंदिर है। पौराणिक कथाओं के अनुसार प्राचीन काल में राज्य प्राप्ति के लिए देवताओं और […]
April 13, 2020

विमला देवी शक्तिपीठ-उडीसा{पुरी}

यहाँ पर माँ सती की नाभि गिरी थी। यहाँ माँ सती को विमला और शिव भगवान को जगत कहते है। उत्कल शक्तिपीठ उडीसा के पुरी और […]
April 13, 2020

जय और विजय।

एक बार सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार (ये चारों सनकादिक ऋषि कहलाते हैं और देवताओं के पूर्वज माने जाते हैं) सम्पूर्ण लोकों से विरक्त होकर चित्त […]
April 13, 2020

डॉक्टर का भतीजा। शिरडी साई चमत्कार।

नासिक जिले के मालेगाँव में एक डाँक्टर रहते थे । उनका भतीजा एक असाध्य रोग तपेदिक से पीड़ित था । उन्होंने तथा उनके सभी डाँक्टर मित्रों […]
April 13, 2020

गणेश जी की कहानी I

एक सास बहु थी Iसास उसकी बहु को खाना नहीं देती थीं I बहु रोज नदी पर जाती तो जाते समय घर से आटा ले जाती […]
April 13, 2020

मैनाक पर्वत की कथा I

जब हनुमान जी सागर पार कर रहे थे अभी सागर देव ने मैनाक पर्वत से कहा कि इक्ष्वाकु वंश के राजा सगर के पुत्रों ने हमेशा […]
April 13, 2020

डमरूकेश्वर I

वैवस्वत कल्प में रू रू नाम का महाअसुर था। उसका पुत्र महाबाहु बलिष्ठ वज्र था। महाकाय तीक्ष्ण दंत वाले इस असुर ने देवताओं के अधिकार तथा […]
April 13, 2020

सर्व ऐश्वर्य प्रद-लक्ष्मी-कवच I

श्री मधुसूदन उवाच:- गृहाण कवचम् शक्र सर्वदुःखविनाशनम्।परमैश्वर्यजनकं सर्वशत्रुविमर्दनम्।। ब्रह्मणे च पुरा दत्तम् संसारे च जलप्लुते।यद् धृत्वा जगतां श्रेष्ठः सर्वैश्वर्ययुतो विधिः।। बभूवुर्मनवः सर्वे सर्वैश्वर्ययुतो यतः।सर्वैश्वर्यप्रदस्यास्य कवचस्य ऋषिर्विधि।। […]
April 13, 2020

विशालाक्षी शक्तिपीठ I

पौराणिक कथा ‘काशी विश्‍वनाथ मंदिर’ से कुछ ही दूरी पर स्थित विशालाक्षी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहाँ देवी सती की आँख या दाहिने […]
April 13, 2020

अनिद्रा। शिरडी साई बाबा कथा।

बान्द्रा के एक महाशय कायस्थ प्रभु बहुत दिनों से नींद न आने के कारण अस्वस्थ थे । जैसे ही वे सोने लगते, उनके स्वर्गवासी पिता स्वप्न […]
April 13, 2020

संकटनाशन गणेश स्तोत्रम् I

संकटनाशन गणेश स्तोत्रम् का प्रति दिन पाठ करने से समस्त प्रकार के संकटोका नाश होता है, श्री गणेशजी कि कृपा एवं सुख समृद्धि कि प्राप्त होती […]
April 13, 2020

उग्र तारा शक्तिपीठ।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां माता सती की बायीं आंख गिरी थी। शास्त्रों के अनुसारभगवान शंकर के तांडव के दौरान भगवान विष्णु ने माता सती शव […]
April 13, 2020

जब अर्जुन को अहंकार हो गया कि वही श्रीकृष्ण के परम भक्त हैं I

जब अर्जुन को यह अहंकार हो जाता हैं कि इस संसार में वही श्री कृष्ण के परम भक्त हैं । ये बात श्री कृष्ण समझ जाते […]
April 13, 2020

श्री राम की प्रजा सेवा।

हनुमान जी और लक्ष्मण जी चिंतित थे क्योंकि बहुत समय से वे श्री राम से नहीं मिल पाए थे। जब भी रात को वो उनसे मिलने […]
April 13, 2020

गणेश जी के पास उनके वाहन के रूप में एक मूषक क्यों रहता है?

गणेश पुराण के अनुसार, एक बार देवराज इंद्र ने समस्त ऋषियों, देवताओं और गंधर्वों के लिए एक संगीत समारोह का आयोजन किया। उस समारोह में आमंत्रित […]
April 13, 2020

भगवान विष्णु जी और महर्षि नारद जी I

एक बार नारद मुनि जी ने भगवान विष्णु जी से पुछा, हे भगवन आप का इस समय सब से प्रिया भगत कोन है?, अब विष्णु तो […]
April 13, 2020

श्रीगणेश गीता I

देवराज इंद्र समेत सारे देवी देवता, सिंदूरा दैत्य के अत्याचार से परेशान थे। जब ब्रह्मा जी से सिंदूरा से मुक्ति का उपाय पूछा गया तो उन्होने […]
April 13, 2020

रामायण में छुपे दस अपरिचित रहस्य I

1. रामायण राम के जन्म से कई साल पहले लिखी जा चुकी थी | रामायण महाकाव्य की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की है। इस महाकाव्य में […]
April 13, 2020

अर्बुदा देवी शक्तिपीठ।

माउंटआबू से 3 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित है-अर्बुदा देवी मंदिर। अर्बुदा देवी,अधर देवी और अम्बिका देवी के नाम से प्रसिद्द है। यह मंदिर यहाँ के […]
April 13, 2020

नैतिक मूल्यों का संरक्षण हर हालत में होना ही चाहिये!!

महाभारत की अद्भुत कथाएं I महाभारत कर्ण-पर्व के अध्याय 90 में एक कथा आती है-खण्डन वन में एक महा सर्प रहता था-नाम था अश्वसेन। वन में […]
April 13, 2020

कल्कि अवतार।

ऐसा होगा अंतिम अवतार कल्कि भगवान का स्वरूप। कल्कि निष्कलंक अवतार हैं। भगवान का स्वरूप (सगुण रूप) परम दिव्य है। दिव्य अर्थात दैवीय गुणों से सम्पन्न। […]
April 13, 2020

गुस्सा होंगे – श्री साईं कथा व लीला।

बाबा का स्वभाव था कि वे अपने भक्तों को उनकी इच्छा के अनुसार अपनी सेवा करने दिया करते थे। यदि कोई और उनके सेवक को कुछ […]
April 13, 2020

गणेश चौथ-कथा ।

सतयुग में राजा हरिश्चंद्र के नगर में एक कुम्हार रहता था,एक बार उसने बर्तन बनाकर आवां लगाया परन्तु उस आवें में बर्तन पका नहीं। कुम्हार बर्तन […]
April 13, 2020

लंका में राक्षसी मन्त्रणा l

इन्द्रतुल्य पराक्रमी हनुमान जी ने लंका में जो अत्यन्त भयावह घोर कर्म किया था, उसे देखकर राक्षसराज रावण को बड़ी लज्जा और ग्लानि हुई। उसने समस्त […]
April 13, 2020

बहेलिये का तीर लगने से हुई श्रीकृष्ण की मृत्यु I

बलराम जी के देह त्यागने के बाद जब एक दिन श्रीकृष्ण जी पीपल के नीचे ध्यान की मुद्रा में बैठे हुए थे, तब उस क्षेत्र में […]
April 13, 2020

क्यों कहलाये भगवान शिव त्रिपुरारि I

तारकासुर के वध के बाद उसके तीनों पुत्रों–तारकाक्ष, विद्युन्माली और कमलाक्ष–ने घोर तपस्या करके ब्रह्माजी से अजर-अमर होने का वरदान मांगा। ब्रह्माजी ने कहा–’जो पैदा हुआ […]
April 13, 2020

अम्मीर शक्कर की प्राण-रक्षा – श्री साईं कथा व लीला I

बांद्रा में रहनेवाला अम्मीर शक्कर बाबा का भक्त था I वह वहां पर दलाली किया करता था I एक बार उसे गठिया रोग हो गया I […]
April 13, 2020

श्री कृष्ण ने किया था एकलव्य का वध, मगर क्यों?

महाभारत काल मेँ प्रयाग (इलाहाबाद) के तटवर्ती प्रदेश मेँ सुदूर तक फैला श्रृंगवेरपुर राज्य एकलव्य के पिता निषादराज हिरण्यधनु का था। गंगा के तट पर अवस्थित […]
April 13, 2020

देवी महालक्ष्मी ने इंद्र को कौन-कौन सी बातें बताई थी I

एक दिन महालक्ष्मी देवराज इंद्र के घर पहुंची और उन्होंने कहा- हे इंद्र, मैं तुम्हारे यहां निवास करना चाहती हूं।देवराज इंद्र ने आश्चर्य से कहा- हे […]
April 13, 2020

राम का वनवास I

राम ने अपने पिता दशरथ एवं माता कैकेयी के चरण स्पर्श किये। रामको देखकर महाराज ने एक दीर्घ श्‍वास और केवल “हे राम!” कहा फिर अत्यधिक […]
April 13, 2020

साई बाबा की उदी और तस्वीर से अनिद्रा निवारण ।

बान्द्रा के एक महाशय कायस्थ प्रभु बहुत दिनों से नींद न आने के कारण अस्वस्थ थे । जैसे ही वे सोने लगते, उनके स्वर्गवासी पिता स्वप्न […]
April 13, 2020

कृष्ण और दही हांडी का महत्व ।

भले ही श्रीकृष्ण ने देवकी और वासुदेव के पुत्र के रूप में जन्म लिया था लेकिन उनका पालन-पोषण यशोदा और नंद ने किया था। ऐसी भविष्यवाणी […]
April 13, 2020

तपस्विनी स्वयंप्रभा और हनुमानजी।

सीता जी खोज में भटकते भूखे-प्यासे वानरों को विन्ध्याँचल पर ‘ऋक्षबिल’ नामक वह गुफा दृष्टिगत हुई, जिसका द्वार बंद नहीं था। भूख प्यास से अति त्रस्त […]
April 13, 2020

श्रीकृष्ण ने ली कर्ण के महादानी होने की परीक्षा I

जब कर्ण युद्ध भूमि में पड़ा करहा रहा था तब सभी पांडव कर्ण के मारे जाने की ख़ुशी मना रहे थे। ऐसे ही समय में अर्जुन […]
April 13, 2020

बछ बारस की कहानी ( 1 )।

एक बार एक गांव में भीषण अकाल पड़ा। वहां के साहूकार ने गांव में एक बड़ा तालाब बनवाया परन्तु उसमे पानी नहीं आया। साहूकार ने पंडितों […]
April 13, 2020

भाद्रपद गणेश चौथ व्रत कथा I

पूर्वकाल में राजाओं में श्रेष्ठ राजा नल था उसकी रूपवती रानी का नाम दमयन्ती था I शाप वश राजा नल को राज्यच्युत होना पड़ा और रानी […]
April 13, 2020

श्री गणपत्यथर्वशीर्षम्— मन-मस्तिष्क को शांत रखने की विद्या है।(हिन्दी अर्थ सहित)।

अथर्वशीर्ष का अर्थ अथर्वशीर्ष शब्द में अ+थर्व+शीर्ष इन शब्दों का समावेश है। ‘अ’ अर्थात् अभाव, ‘थर्व’ अर्थात् चंचल एवं ‘शीर्ष’ अर्थात् मस्तिष्क–चंचलता रहित मस्तिष्क अर्थात् शांत […]
April 13, 2020

अर्जुन की श्री कृष्ण के प्रति भक्ति I

एक बार की बात है महाभारत के युद्ध के बाद भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन द्वारिका गये पर इस बार रथ अर्जुन चलाकर के ले गये।द्वारिका […]
April 13, 2020

भगवान शिव के गणों के नाम I

भगवान शिव गण : भगवान शिव की सुरक्षा और उनके आदेश को मानने के लिए उनके गण सदैव तत्पर रहते हैं। उनके गणों में भैरव को […]
April 13, 2020

विभाष शक्तिपीठ I

पश्चिम बंगाल के मिदनापुर के ताम्रलुक ग्राम में स्थित है विभाष शक्तिपीठ, जहां माता का वाम टखना (बाएँ टखने) गिरा था। यहां की शक्ति कापालिनी, भीमरूपा […]
April 13, 2020

हनुमान-रावण युद्ध ।

प्रात: काल होने पर राम और रावण की दोनों और की सेनाएं फिर से आमने-सामने आ खड़ी हुईं । आज राक्षसराज रावण स्वयं युद्ध करने के […]
April 13, 2020

शिव मानस पूजा की सुंदर भावनात्मक स्तुति।

शिव मानस पूजा रत्नैःकल्पितमासनं हिमजलैः स्नानं च दिव्याम्बरं। नाना रत्न विभूषितम् मृग मदामोदांकितम् चंदनम॥जाती चम्पक बिल्वपत्र रचितं पुष्पं च धूपं तथा। दीपं देव दयानिधे पशुपते हृत्कल्पितम् […]
April 13, 2020

शिरडी साई बाबा का उपचार।

कहा जाता है कि साल 1910 में मुंबई के एक धनी व्यापारी का बेटा बीमार हो गया। उसका काफी इलाज कराने के बाद भी जब वह […]
April 12, 2020

विश्वामित्र पर थी गणपति की कृपा I

विश्वामित्र के जीवन कथा में अनेकों बार गणेश कृपा का दर्शन होता है। कथावाचक ने कहा कि विश्वामित्र ने राजा त्रिशंकु को स्वर्ग में स्थापित किया। […]
April 12, 2020

साईं बाबा ने जब कहा, ‘गेरू लाओ, आज भगवा वस्त्र रंगेंगे’ I

नासिक के प्रसिद्ध ज्योतिष, वेदज्ञ, 6 शास्त्रों सहित सामुद्रिक शास्त्र में भी पारंगत मुले शास्त्री एक बार नागपुर के धनपति सांईं भक्त बापूसाहेब बूटी के साथ […]
April 12, 2020

गायत्री मंत्र।

गायत्री मंत्र का परिचय गायत्री मंत्र को “गुरु मंत्र” के रुप मे जाना जाता है। गायत्री मंत्र सभी मंत्रों में सर्वोच्च है और सबसे प्रबल शक्तिशाली […]
April 12, 2020

लाल किताब के अनुसार शनि के उपाय I

1. लग्न स्थित शनि अशुभ फल देता है। ऐसे में जातक को बंदरों की सेवा करनी चाहिए। चीनी मिला हुआ दूध बरगद के पेड़ की जड़ […]
April 12, 2020

कैसे बना शिव तांडव स्‍त्रोत?

कुबेर व रावण दोनों ऋषि विश्रवा की संतान थे और दोनों सौतेले भाई थे। ऋषि विश्रवा ने सोने की लंका का राज्‍य कुबेर को दिया था […]
April 12, 2020

कौन जीता जब हनुमान और बाली के बीच हुआ था दंगल I

बाली और सुग्रीव को ब्रह्माजी की संतानें माना गया है। बाली को यह वरदान था कि जो भी युद्ध के लिए उसके सामने आएगा, उसकी आधी […]
April 12, 2020

क्यों आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा कनकधारा स्तोत्र की रचना करि गई?

कनकधारा स्तोत्र को स्वर्णधारा स्तोत्र के नाम से भी जाना जाता है। इस स्तोत्र का फल चमत्कारी व शीघ्र फल देने वाला है। जितने भी महालक्ष्मी […]
April 12, 2020

गणेश जी का बुढ़िया को वरदान।

किसी गाँव में एक बुढ़िया रहती थी! वह बहुत ही गरीब थी,और बहुत ज्यादा बीमार रहती थी! लेकिन फिर भी वह सुबह-शाम भगवान् की पूजा किया […]
April 12, 2020

श्री वैभवलक्ष्मी के यह दो मंत्र देते है समृद्धि I

मां लक्ष्मी जी धन,धान्य,सौभाग्य, वैभव तथा ऐश्वर्य की देवी है। देवी लक्ष्मी का सबसे प्रभावी मंत्र वैभव लक्ष्मी मंत्र है। श्री वैभव लक्ष्मी के दो दिव्य […]
April 12, 2020

श्री साईं लीलाएं – राघवदास की इच्छा I

कोपीनेश्वर महादेव के नाम से बम्बई (मुम्बई) के नजदीक थाणे के पास ही भगवन् शिव का एक प्राचीन मंदिर है I इसी मंदिर में साईं बाबा […]
April 12, 2020

श्री शनि चालीसा I

॥ दोह॥जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।दीनन के दुःख दूर करि , कीजै नाथ निहाल ॥जय जय श्री शनिदेव प्रभु , सुनहु विनय महाराज […]